
तिरंगे के अपमान पर सवाल, प्रधान शिक्षक का इनकार फोटो में समय सहित साफ़ प्रमाण….
पलामू जिले के उंटारी रोड प्रखंड स्थित स्ट्रोनत उच्च विद्यालय, जोगा में


26 जनवरी को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के मात्र 2 घंटे बाद तिरंगा उतार दिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
इस संबंध में जब प्रधान शिक्षक शशिशेखर पांडेय से बात की गई, तो उन्होंने इसे
“गलत आरोप” बताते हुए कहा कि
👉“GPS वाला फोटो दिखाइए, तभी मानेंगे।”
हालांकि, तथ्य कुछ और ही बयान कर रहे हैं।
उपलब्ध फोटो में तारीख और समय (26 जनवरी, 11:52 बजे) के साथ यह
स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि
उसी समय रसोइया के हाथ में झंडा मौजूद है,
जबकि विद्यालय परिसर में झंडा फहराता हुआ नहीं दिख रहा,
जो इस बात की पुष्टि करता है कि
👉 झंडा पहले उतारा गया और बाद में पुनः फहराया गया।
सूचना सार्वजनिक होते ही
विद्यालय के रसोइया एवं सहायक शिक्षक द्वारा दोबारा तिरंगा फहराया गया,
जो यह दर्शाता है कि घटना हुई थी, केवल उसे छिपाने का प्रयास किया गया।
राष्ट्रीय ध्वज संहिता के अनुसार
तिरंगा सूर्यास्त तक फहराया जाना अनिवार्य है,
और इसका उल्लंघन किसी भी स्थिति में
देश के सम्मान से सीधा खिलवाड़ है।
👉 प्रशासन से मांग है कि
इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर
जिम्मेदार पदाधिकारियों व सिस्टम पर
कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए,
ताकि भविष्य में तिरंगे के सम्मान के साथ
इस तरह की लापरवाही दोहराई न जाए। 🇮🇳
DC Palamu Hemant Soren
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